राखी का त्योहार है आया..ना जाने कितनी ही यादें,कितने पल ये साथ है लाया ।दौर एक था ,पिता कलाई में बच्चों की ,रक्षा बांधा करते थे ।अपनी पसंद राखी लेने को ,हम आपस में बिंधते थे ।युवा हुए जब छूटा अंगना ,जिसको अपना समझे थे ।मन जज़्बाती हुआ तभी से ,छूटे सब बारी बारी …परContinue reading “स्नेह – पर्व, रक्षा बंधन । 💝”
Category Archives: Uncategorized
“माँ “ माँ आज तू कह अपनी ही कहानी…..तू ही तो है “उस” पीढ़ीकी अंतिम एक निशानी….मैं तेरी इकलौती बेटी…आखिर तू संग मेरे आ बैठीमूक हुई तू बोले अब भी ,जीवन की एक कहानीमाँ कह ना अपनी कहानी…मृत्यु पति पुत्रों की झेली ,फिर भी दुख सुख- संग तू खेलीमैं बेटी तेरी बनी सहेली…माँ क्यूँ चुपContinue reading
पर्व मनाना जी
कितनी प्यारी दुनिया है ये, देख के जाना जी…… दिखे सामने लाख मुसीबत , मत घबराना जी….. रंग बिरंगे फल और फूल, हरी भरी हरियाली… ईश्वर के इन उपहारों का, चित्र बनाना जी… खेत सभी के अलग अलग, पर संग में खाना जी…..संग संग जीने का संग में, आनंद उठाना जी….. इक दिन आने का Continue reading “पर्व मनाना जी”
‘किराए का घर’The Shelter in rent’.🏘️
घर था किराए काकहां था ठिकाना ।एक न एक दिनथा हमको भी जाना।वो मकाँ ऊपरवाले काबड़ा है विशाल।देखी न हमने वैसी मिसाल।जिस ठिकाने से कभीकोई वापस न आए ।जो जाएं वहाँ ,वहीं का हो जाए।सभी धर्मों के लोगजाते वहां हैं।बैर छोड़े यहां ,संग रहते वहाँ हैं।न रहे अपनी कायामगर उसकी छाया।उसका मकाँ सबकोहै कितना भाया।थोड़ेContinue reading “‘किराए का घर’The Shelter in rent’.🏘️”
जीवन भाव।
सच जीवन ,जब भावहमारे ,लेकर बढ़ता है ।दुख भी तन्हा नहीं रहा ,वो हंस कर कहता है। “सुख” ,फूलों सी बारिश हैऔर देवों सा एहसास।अपनों का अपनत्व रहे ,जब अपने आस पास ।जीवन झरना भावों का है ।बहता जाता है ।इंद्र धनुष से रंग लिए धुन अपनी कहता है ।कभी बना “बच्चन- मधुशाला”कभी “नीरज” बनContinue reading “जीवन भाव।”
मदर्स डे💖
माँ ने ऐसा feed किया ,कुछ दूध में अपने घोल कर ।सबकी चिंता रही उसे,बस अपनी चिंता छोड़ कर ।अक्सर बेटी त्याग- भाव में,कितना कुछ कर जाए।“नारी तुम केवल श्रद्धा हो”,इस पथ को अपनाए । सिद्दार्थ छोड़ घर से जब निकले,गौतम बुद्ध बन आते और यशोधरा कहती चिंतित हो “सखी वो मुझ से कह करजातेContinue reading “मदर्स डे💖”
रिश्ते…।🎉💝
जीवन इक उम्र में गंगा के बहाव सा …..उसमें लगी एक डुबकी सा…..जिस में नाक बंद करडुबकी लगाते ही पल भर में बाहर निकल आते हैं हम ….पानी बह जाता है आगे…..माँ पिता के छूट जाने जैसा ….बस भीग जाते हैं हम….साथ आया वो गीलापन…वे पानी की बूंदें…..भाई – बहन के साथ जैसा…..इस उम्र मेंContinue reading “रिश्ते…।🎉💝”
जब रोटी से मैसेज जाते थे।💕🇮🇳
कितना सुंदर देश ये मेरा।कितना खूब था यहाँ सवेरा ।कहीं अज़ान, कहीं भजन थे ।कहीं चर्च की थी घण्टा ध्वनि,कहीं पे भक्ति की थी धूनी । देश में था इक भाई चारा,गाँधी विचार की बहती धारा।जब भी दुश्मन ने ललकारा,सबने मिलकर उसे नकारा।देश में था मिलजुल कर पहरा,रिश्ता था आपस में गहरा। क्या देश नहींContinue reading “जब रोटी से मैसेज जाते थे।💕🇮🇳”
काफिर हो या तू मोमिन।🌸💕
काफिर हो या तू मोमिनएक दिन तो जाएगा।एक जाए अग्नि रथ में,दूजा जमीं में समाएगा ।फूलेगा फूंकना तब तकजब तक हवा है तुझमेंबाद में तो आत्मा या रूह कहलाएगा।पानी को ‘आब’ कह लेया आब को तू पानीप्यासे से कुछ भी बोल,वो तो प्यास अपनी,इसी से बुझाएगा।कहले खुदा तू उसकोया कहले तू उसको ईश,अपनी मति सेContinue reading “काफिर हो या तू मोमिन।🌸💕”
तिरंगा। 💝🙏
सच में तिरंगा कितना प्यारा।हम सबको ये लगता न्यारा।हरा रंग हरियाली देता ।शांत ‘श्वेत रंग’ मन को करता ।केसरिया कितना बल भरता।चक्र हमें चलने को कहता ।भारत माँ का राज दुलारा।हमें तिरंगा कितना प्यारा। ✍️,🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
उम्र- दराज़🎈
जैसे जैसे उम्र है निकलीरिश्ते बिखर गए।जैसे जैसे उम्र बड़ी तोवो भी निखर गए ।झूठे सपने पाल रहे थे।जो अब उनकोसाल रहे थे।सपने और उनके अपने भीजाने किधर गए….जैसे जैसे उम्र है निकलीरिश्ते बिखर गए। विधि के विधान का लेखहै अपना,“आज रहे जो“कल हो सपना”पल भर के अपने सपनेनिंद्रा में इधर रहे।नींद खुली तो तन्द्राContinue reading “उम्र- दराज़🎈”
कमाल खान नहीं रहे।😪
कभी कभी दुख सुख पर कितना हावी हो जाता है।सवेरे सवेरे शकरपारे बनाए मकर संक्रांति के लिए।कुछ देर पहले ही ndtv के reporter कमाल खान जी के अचानक निधन की दुखद खबर सुनी । त्योहार एक ओर रह गया है ।बहुत बुरा लग रहा है। कितना अपनत्व था उनकी आवाज में । लखनऊ की गरिमामयीContinue reading “कमाल खान नहीं रहे।😪”
हैप्पी लोहड़ी।
सर्व धर्म समभाव।🌺🙏
घृणाभाव से जला था दीपक ।दीपक में लग गई थी आग।उस आग से जल कर बत्ती,बनकर बैठ गई थी नाग।दिया नही था पूजा का वो,जो रखा पूजा की ओट।उसी ओट से नकली हिन्दू,करते है धर्मों पे चोट ।दया भाव है धर्म हमाराधर्म सभी देते हैं ज्ञान।इसी लिए तो सब धर्मों का,हम करते आए सम्मान ।धर्मोंContinue reading “सर्व धर्म समभाव।🌺🙏”
वो ग्रीटिंग कार्ड्स।🌹✍️
कभी एक craze था New year’s Day में अपने near and dear ones के जितने greetings आते उन्हें ड्राइंग रूम में सजाते उन्हें गिनते और room में आते ही सबका center point of attraction भी वही रहता ।कोई कहता इतने सारे । कोई कहता इतने सुन्दर, कोई message पढ़ता । घर में भी वो कार्ड्सContinue reading “वो ग्रीटिंग कार्ड्स।🌹✍️”
अलविदा 2021🎈💕
जितना भी हम होल्ड करेंगे उतना छूटा जाएगा।बीते तो थे तीस दिन पर महीना एक बताएगा।देखो काटे बारह महिने पर वर्ष एक कहलाएगा।स्वयं अकेले आए थे हम स्वयं अकेले जाएंगे।अपने संगी साथी हंस कर हमको ये बतलाएंगे।20/20 क्रिकेट मैच सा वर्ष ये भी चला गया।कुछ old जो hold किया था, बालू सा हाथों से फिसलContinue reading “अलविदा 2021🎈💕”
चाचा नेहरू बहुत हुए दिन.. 🌹🙏
चाचा नेहरु बहुत हुए दिनअब वापस आ जाओ ना। हम हैं छोटे छोटे बच्चे,ना हम हिन्दू ना हम मुस्लिमना हम सिख ईसाई हैं।इन बे मतलब बातों कोभारत से दूर भगाओ ना।चाचा नेहरू बहुत हुए दिन …. हिन्दू कहते मन्दिर बननामुस्लिम कहते मस्ज़िद बनना।ना मन्दिर ना मस्ज़िद,हमको विद्यालय खुलवाओ ना।चाचा नेहरू बहुत हुए दिन …. हिन्दूContinue reading “चाचा नेहरू बहुत हुए दिन.. 🌹🙏”
“श्रद्धा में शक्ति।”Power in faith.(भैया,-दूज दिवस पर). 🙏🎉💕🎉🙏
आज उस विज्ञापन को देख कर याद आया जो रिश्ते भले ही पल भर के हों लेकिन अक्सर याद आते हैं।मेरी बहन दीपा भाई को प्यार से मनीष कहा करती थी ।सभी बहने भाई से बड़ी थीं इसीलिए भाई के आगे पीछे रहतीं।उस दिन दीपा भाई को साईकल की अगली सीट पर बिठा भीड़ भरीContinue reading ““श्रद्धा में शक्ति।”Power in faith.(भैया,-दूज दिवस पर). 🙏🎉💕🎉🙏”
जश्ने Truth.🙏
ये तेरा ये मेरा इसी जनम का प्रश है।साँसों के संग छूट जाएंगेमन के सारे टशन हैं । मेरा तेरा तेरा मेराइसी जनम का प्रश्न है ।देखना जाएंगे जब हम,मनता कैसा जश्न है । दुनिया में आने के छै दिन बादहमारी छठी मनी।जाने के बस तीन ही दिन मेंहोने लगी उठावनी।🌠 पांच माह मेंContinue reading “जश्ने Truth.🙏”
एक थे वकील साहब।💔
अपने बालकनी में थोड़ी देर बैठी ही थी तो खुरपी की आवाज आई। कितने दिल के करीब सी लगी ये आवाज ….माली नीचे घास निकाल रहा था । जमीन से हमारे 1st फ्लोर की ऊंचाई अधिक नहीं है ।बहुत अलग हैं ये अपार्टमेंट वाले शहर ….उस शहर से जिसे छोड़ आये हैं हम। मैंने अपनीContinue reading “एक थे वकील साहब।💔”
